Modi’s Explosive Speech on Operation Sindoor: कांग्रेस की ऐतिहासिक नाकामी और नेहरू की भूलें उजागर | संसद 2025
Modi Speech on Operation Sindoor 29 जुलाई 2025 को ऐतिहासिक बन गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में विपक्ष को करारा जवाब देते हुए भारत की सैन्य नीति, सुरक्षा दृष्टिकोण और कांग्रेस की ऐतिहासिक भूलों का विस्तार से उल्लेख किया। इस भाषण में मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और इसके पीछे भारतीय सेना के साहस की सराहना की।

संसद में गूंजा सच्चाई का शंखनाद – ऑपरेशन सिंदूर मोदी भाषण की शुरुआत
29 जुलाई 2025 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में दर्ज हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के मंच से न सिर्फ देश को ऑपरेशन सिंदूर की सच्चाई बताई, बल्कि कांग्रेस को उसकी असली औकात भी दिखा दी।
कांग्रेस के नेताओं के चेहरे उस समय झुक गए जब मोदी ने एक-एक कर कांग्रेस की सत्ता में रहते हुए की गई ऐतिहासिक भूलों को उजागर किया। यह भाषण विपक्ष के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए आईना बन गया।
मोदी का हमला: कांग्रेस को चेतावनी – “विरोध करिए, लेकिन देश के खिलाफ नहीं
पीएम मोदी ने शुरुआत में ही कांग्रेस को लपेटे में लेते हुए कहा:
“आप सरकार का विरोध करिए, ये लोकतंत्र है। लेकिन विरोध ऐसा न हो कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई भी आपको चुभने लगे।”
Modi Speech on Operation Sindoor : कांग्रेस की भूमिका पर तीखा कटाक्ष:
- 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सबूत मांगे।
- 2019 की एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाए।
- 2025 के ऑपरेशन सिंदूर पर चुप्पी, लेकिन पर्दे के पीछे से सेना को लेकर दुष्प्रचार।
“Modi Speech on Operation Sindoor in Parliament – कांग्रेस के लिए सेना की बहादुरी एक राजनीतिक औजार है, जब सत्ता में हो तो क्रेडिट ले लो, विपक्ष में हो तो सबूत मांगो।”
इतिहास की भूलें याद दिलाईं: “हर बार मौका था, लेकिन आपने गंवाया”
पीएम मोदी ने कांग्रेस को उनके शासन की विफलताओं की पूरी सूची याद दिलाई:
1948 – हाजीपीर पास तक सेना पहुंच गई थी, लेकिन नेहरू जी ने सीज़फायर करवा दिया।
1965 – लाल बहादुर शास्त्री जी के नेतृत्व में पाकिस्तान को घुटनों पर लाया गया, पर ताशकंद में समझौता कर सब उल्टा कर दिया।
1971 – 90,000 पाकिस्तानी सैनिक भारत के कब्ज़े में थे, लेकिन इंदिरा गांधी ने बिना पीओके की बात किए सबको छोड़ दिया।
“कांग्रेस ने हर बार सेना की जीत को कूटनीति की हार बना दिया।”
Modi Speech on Operation Sindoor : कांग्रेस और न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग डर दिखाने की नीति
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मोदी ने कांग्रेस की उस नीति को उजागर किया जिसमें पाकिस्तान की न्यूक्लियर धमकियों से डरकर कार्रवाई नहीं की जाती थी।
“कांग्रेस की सरकारें न्यूक्लियर बटन से डरती थीं, हमने उन्हें दिखा दिया कि हमारे पास भी बटन है — और वो काम करता है।”
ऑपरेशन सिंदूर की सच्चाई: कांग्रेस के मुँह पर तमाचा
Operation Sindoor: पीएम मोदी के ऐतिहासिक भाषण में भारत की नई सैन्य नीति का ऐलान
कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर पर भी शुरू में चुप्पी साध ली थी। लेकिन जब दुनिया भारत की सराहना कर रही थी, तब कांग्रेस के कुछ नेता इसे “राजनीतिक स्टंट” कहने लगे।
Modi Speech on Operation Sindoor in Parliament
“जो देश की सेना को भी नहीं समझते, वे नेतृत्व क्या करेंगे? आपने तो हर बार सेना के मनोबल को गिराया।”
मेड इन इंडिया रक्षा प्रणाली: कांग्रेस को जवाब
मोदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में 100% मेड इन इंडिया हथियारों और तकनीक का प्रयोग हुआ — जो कांग्रेस के समय केवल एक सपना था।
कांग्रेस शासन में:
- विदेशी कंपनियों पर निर्भरता।
- रक्षा डील में घोटाले: बोफोर्स, अगस्ता वेस्टलैंड।
- रक्षा में देरी और भ्रष्टाचार।
मोदी युग में:
- रक्षा क्षेत्र में 400+ स्टार्टअप्स।
- स्वदेशी मिसाइल, ड्रोन, एयर डिफेंस सिस्टम।
- एक्सपोर्ट में 30 गुना वृद्धि।
“आपने घोटाले दिए, हमने आत्मनिर्भरता दी।”
अंतरराष्ट्रीय मंच पर कांग्रेस की विफलताएं
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की नई स्थिति बताई — और कांग्रेस की तुलना में मौलिक अंतर को रेखांकित किया:
तब:
- भारत को वैश्विक मंच पर गंभीरता से नहीं लिया जाता था।
- पाकिस्तान की आतंकवाद नीति पर कांग्रेस सरकार मौन रहती थी।
अब:
- ऑपरेशन सिंदूर के बाद 119 देशों ने भारत का समर्थन किया।
- पाकिस्तान वैश्विक मंच पर अलग-थलग पड़ा।
“कांग्रेस के समय भारत सिर्फ प्रतिक्रिया करता था, अब भारत कार्रवाई करता है।”
कांग्रेस की सोच पर वार: “नेहरू की ग़लत नीतियों ने देश को पीछे किया”
मोदी ने नेहरू की नीतियों को लेकर भी खुलकर बोला:
- कश्मीर मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाना।
- चीन को सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट का मौका।
- सेना के बजट में कटौती।
“कांग्रेस की नीतियों ने भारत को कमजोर किया, और दुश्मनों को ताकत।”
मोदी सरकार बनाम कांग्रेस सरकार – निर्णय लेने की क्षमता में फर्क
मोदी ने गांधी परिवार पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में फैसले रिमोट से होते थे, जबकि नई सरकार नीतियों से चलती है।
कांग्रेस काल में:
- प्रधानमंत्री कमजोर।
- निर्णय नौकरशाह या हाईकमान से आते थे।
आज:
- निर्णय सैनिक नेतृत्व के साथ मिलकर।
- प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री, सेना प्रमुख — एक राय, एक योजना।
संसद में मोदी का भाषण बना आत्मबल का प्रतीक
यह भाषण सिर्फ विपक्ष की खिंचाई नहीं थी — यह देश को यह यकीन दिलाने के लिए था कि भारत अब नया है। यहां अब डर कर नहीं, ताकत के साथ निर्णय होते हैं।
मोदी के शब्दों में:
“आप लोग कहते हैं कि हम डर का माहौल बना रहे हैं। लेकिन डर उनका होता है जो सच्चाई से भागते हैं। हमने देश को सच्चाई दिखाई — और आपको भी।”